Saturday, August 28, 2010

Bachpan ki wo galiyaan... lets go..!!

मछली जल की रानी है,
जीवन उसका पानी है।
हाथ लगाओ डर जायेगी
बाहर निकालो मर जायेगी।

पोशम्पा भाई पोशम्पा,
सौ रुपये की घडी चुराई।
अब तो जेल मे जाना पडेगा,
जेल की रोटी खानी पडेगी,
जेल का पानी पीना पडेगा।
थै थैयाप्पा थुश
मदारी बाबा खुश।

झूठ बोलना पाप है,
नदी किनारे सांप है।
काली माई आयेगी,
तुमको उठा ले जायेगी।

आज सोमवार है,
चूहे को बुखार है।
चूहा गया डाक्टर के पास,
डाक्टर ने लगायी सुई,
चूहा बोला उईईईईई।

आलू-कचालू बेटा कहा गये थे,
बन्दर की झोपडी मे सो रहे थे।
बन्दर ने लात मारी रो रहे थे,
मम्मी ने पैसे दिये हंस रहे थे।

तितली उडी, बस मे चढी।
सीट ना मिली,तो रोने लगी।।
driver बोला आजा मेरे पास,
तितली बोली " हट बदमाश "।

चन्दा मामा दूर के,
पूए पकाये भूर के।
आप खाएं थाली मे,
मुन्ने को दे प्याली म

Rehne Do... Pyaar ko Pyaar hi rehne do..!!!

हमने देखी है इन आँखों की महकती खुशबू

हाथ से छू के इसे रिश्तों का इल्ज़ाम ना दो

सिर्फ़ एहसास है ये रूह से महसूस करो

प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम ना दो

प्यार कोई बोल नही प्यार आवाज़ नही

एक खामोशी है सुनती है कहा करती है

ना ये बुझती है ना रुकती है ना ठहरी है

कहीं नूर की बूँद है सदियों से बहा करती है

सिर्फ़ एहसास है ये रूह से महसूस करो

प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम ना दो

मुस्कुराहट सी खिली रहती है आँखों में कहीं

और पलकों पे उजाले से झुके रहते हैं

होंठ कुछ कहते नही काँपते होंठों पे मगर

कितने खामोश से अफ़साने रुके रहते हैं

सिर्फ़ एहसास है ये रूह से महसूस करो

प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम ना दो

Sunday, June 21, 2009

तुम्हारी बातें

याद आती है मुझे कई पुरानी बातेंवो गीले शिकवे, वो सरगिरानी बातेंहर शख्स तो है शामील इस शोर मेंमगर मुद्दत हुई मुझे सुने इंसानी बातेंजो भी होता है अच्छे के लिए होता हैज़माने से सुनता आया ये नादानी बातें मैं जो चाहूं वो हो खुदा को नामंज़ूरमुझे समझ ना आए ये आसमानी बातेंफिर क्यों ना चीखूं, ना करूँ हाय हायकौन सुनता है अब यहाँ बेज़ुबानी बातेंचुप ही रहो तुम तो अच्छा है हो बस, और तुम्हारी दीवानी बातें

KOI BAAT NAHI

KOI BAAT NAHI

Yehi Wafaa ka silaah hai, to koi baat nahiYeh dard us ne diya hai, to koi baat nahi….
Yehi bohot hai ke wo dekhti hai sahil seSafeena doob raha hai, to koi baat nahi….
Rakha tha aashiyana-e-dil main chhupa ke uskoWoh ghar usne chor diya hai to koi baat nahi….
Us hi ne aayena-e-dil mera banaya thaus hi ne tod diya hai to koi baat nahi….
Kiskii majaal kahe koi mujh ko deewanaAgar yeh usi ne kaha hai to koi baat nahi….


Thanks,
Dheeraj Gupta