Saturday, August 28, 2010

Rehne Do... Pyaar ko Pyaar hi rehne do..!!!

हमने देखी है इन आँखों की महकती खुशबू

हाथ से छू के इसे रिश्तों का इल्ज़ाम ना दो

सिर्फ़ एहसास है ये रूह से महसूस करो

प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम ना दो

प्यार कोई बोल नही प्यार आवाज़ नही

एक खामोशी है सुनती है कहा करती है

ना ये बुझती है ना रुकती है ना ठहरी है

कहीं नूर की बूँद है सदियों से बहा करती है

सिर्फ़ एहसास है ये रूह से महसूस करो

प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम ना दो

मुस्कुराहट सी खिली रहती है आँखों में कहीं

और पलकों पे उजाले से झुके रहते हैं

होंठ कुछ कहते नही काँपते होंठों पे मगर

कितने खामोश से अफ़साने रुके रहते हैं

सिर्फ़ एहसास है ये रूह से महसूस करो

प्यार को प्यार ही रहने दो कोई नाम ना दो

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